एटा में पेंशनरों का प्रदर्शन काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, समान पेंशन की उठाई मांग
Etah के कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को पेंशनरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। संयुक्त पेंशनर कल्याण समिति के बैनर तले सैकड़ों पेंशनरों ने काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया और अपने अधिकारों की आवाज बुलंद की।
काली पट्टी बांधकर किया विरोध
धरना स्थल पर एकत्र हुए पेंशनरों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करते हुए सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पेंशन के मामले में समानता का अधिकार सभी को मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में पेंशनरों के साथ न्याय नहीं हो रहा है।
क्या हैं पेंशनरों की मुख्य मांगें
प्रदर्शन कर रहे पेंशनरों ने अपनी प्रमुख मांगों में कहा कि:
- सभी पेंशनरों को समान पेंशन दी जाए
- सातवें वेतन आयोग के नियमों के आधार पर पेंशन तय की जाए
- 2026 से पहले और बाद में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बीच भेदभाव समाप्त किया जाए
उनका आरोप है कि 2026 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को अलग तरीके से पेंशन दी जा रही है, जबकि पहले से रिटायर हुए लोगों को कम लाभ मिल रहा है।
संगठन ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
संयुक्त पेंशनर कल्याण समिति के जिला संयोजक सुनीत पाल सिंह चौहान ने कहा कि पेंशनरों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस भेदभाव को खत्म करना चाहिए और सभी को समान अधिकार देने चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि पेंशनर अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
प्रधानमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद पेंशनरों ने अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने पेंशन में समानता और सातवें वेतन आयोग के अनुसार लाभ देने की मांग को दोहराया।
बड़ी संख्या में पहुंचे पेंशनर
इस प्रदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों पेंशनर शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को रखा और सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की।
आगे भी जारी रह सकता है आंदोलन
पेंशनरों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगे भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। यह प्रदर्शन आने वाले समय में बड़े आंदोलन का संकेत माना जा रहा है।