मोतिहारी के संग्रामपुर थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान एक व्यक्ति से कथित अवैध वसूली और मनमानी के मामले में पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कार्रवाई की है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एक दारोगा और तीन सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
मामला एक व्यक्ति के घर की तलाशी से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला था, इसके बावजूद उस व्यक्ति पर पैसे देने का दबाव बनाने और उसे पुलिस वाहन में बैठाकर ले जाने का आरोप है।
तलाशी के बाद पैसे मांगने का आरोप
जानकारी के मुताबिक संग्रामपुर थाना क्षेत्र में गश्ती दल ने ओमप्रकाश कुमार के घर की तलाशी ली थी। तलाशी में कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिलने के बावजूद पुलिसकर्मियों पर पैसे देने के लिए दबाव बनाने और मनमानी करने का आरोप लगा।
यह भी आरोप है कि ओमप्रकाश कुमार को पुलिस वाहन में बैठाकर ले जाया गया, लेकिन इस संबंध में किसी वरिष्ठ अधिकारी को सूचना नहीं दी गई।
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका को जांच की जिम्मेदारी सौंपी।
जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद कार्रवाई
जांच के दौरान शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार जांच रिपोर्ट में लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसपी ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की।
एसपी ने मामले को गंभीर अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और संदिग्ध आचरण मानते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
दारोगा समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित
निलंबित पुलिसकर्मियों में दारोगा देव मोहन सिंह, सिपाही रवि रंजन कुमार, सिपाही अभय कुमार और महिला सिपाही हेमा कुमारी शामिल हैं।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों की ओर से पुलिसकर्मियों के आचरण और ड्यूटी के दौरान नियमों के पालन को लेकर सख्ती का संकेत दिया गया है।