एटा की बड़ी उपलब्धि: जिले की 60 ग्राम पंचायतें घोषित हुईं टीबी मुक्त
एटा, संवाद न्यूज एजेंसी। विश्व क्षय रोग दिवस (24 मार्च) के अवसर पर एटा जिले के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों और जनसहभागिता के चलते जिले की 60 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इस उपलब्धि पर संबंधित ग्राम प्रधानों को सम्मानित भी किया गया।
सम्मान समारोह में हुआ ग्राम प्रधानों का अभिनंदन
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2025 में टीबी मुक्त हुई ग्राम पंचायतों के प्रधानों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान पंचायतों को उनके प्रदर्शन के आधार पर कांस्य, रजत और स्वर्ण श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए।
- 46 ग्राम पंचायतों को कांस्य सम्मान
- 13 ग्राम पंचायतों को रजत सम्मान
- 1 ग्राम पंचायत को स्वर्ण सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र नागर सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।
पिछले वर्षों की तुलना में बदलाव
जिले में टीबी मुक्त पंचायतों की संख्या में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन जागरूकता और अभियान के कारण स्थिति में सुधार भी हुआ है।
- वर्ष 2023: 17 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त
- वर्ष 2024: 84 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त
- वर्ष 2025: 60 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त
हालांकि 2024 के मुकाबले संख्या में कमी आई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान लगातार जारी है और आगे बेहतर परिणाम की उम्मीद है।
टीबी मरीजों के इलाज में भी बेहतर सफलता
साल 2025 में जिले में टीबी नियंत्रण को लेकर अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
- कुल चिह्नित टीबी मरीज: 7914 (लक्ष्य 7589 के मुकाबले 104%)
- सीबीनॉट मशीन से जांच: 97% मरीज
- एचआईवी जांच: 98% मरीज
- उपचार पूर्ण करने वाले मरीज: 6942
- उपचार सफलता दर: लगभग 95%
ये आंकड़े बताते हैं कि जिले में न केवल मरीजों की पहचान बेहतर हुई है, बल्कि उनके इलाज में भी सफलता मिल रही है।
आज से शुरू होगा 100 दिवसीय विशेष अभियान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने जानकारी दी कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में 100 दिवसीय विशेष अभियान की शुरुआत मंगलवार से की जा रही है। इस अभियान का शुभारंभ केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा किया जाएगा।
इस दौरान “टीबी मुक्त अर्बन वार्ड पहल” भी शुरू की जाएगी, जिसका वर्चुअल प्रसारण एनआईसी के माध्यम से किया जाएगा।
क्या है टीबी मुक्त अभियान का महत्व
टीबी (क्षय रोग) एक संक्रामक बीमारी है, जो समय पर जांच और इलाज से पूरी तरह ठीक हो सकती है। सरकार का लक्ष्य देश को टीबी मुक्त बनाना है, जिसके लिए ग्रामीण स्तर पर पंचायतों को भी शामिल किया जा रहा है।
निष्कर्ष
एटा जिले की 60 ग्राम पंचायतों का टीबी मुक्त होना एक बड़ी उपलब्धि है, जो यह दर्शाता है कि सही रणनीति, जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन से इस गंभीर बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। आने वाले 100 दिवसीय अभियान से उम्मीद है कि जिले में और अधिक पंचायतें टीबी मुक्त घोषित होंगी।