एटा में स्मार्ट मीटर से बढ़ी परेशानी: रिचार्ज के बावजूद कट रही बिजली, उपभोक्ताओं में आक्रोश
एटा, संवाद न्यूज एजेंसी। जिले में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं कि बिजली का रिचार्ज कराने के बावजूद एक-दो दिन के भीतर ही सप्लाई काट दी जा रही है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और विद्युत विभाग के दफ्तरों पर शिकायतों की भीड़ लग रही है।
रिचार्ज के बाद भी नहीं मिल रही निरंतर बिजली
एटा शहर के ठंडी सड़क और रेलवे रोड स्थित विद्युत निगम कार्यालयों पर इन दिनों रोजाना बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि वे समय पर रिचार्ज कर रहे हैं, फिर भी बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।
शहर ही नहीं, बल्कि देहात क्षेत्रों में भी यही स्थिति बनी हुई है। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर सही तरीके से काम नहीं कर रहे और बिना कारण बिजली काटी जा रही है।
केस 1: 11 हजार का रिचार्ज, फिर भी तीसरे दिन अंधेरा
पटियाली गेट निवासी विवेक कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने स्मार्ट मीटर में 11,000 रुपये का रिचार्ज कराया था। शुरुआत के दो दिन बिजली ठीक रही, लेकिन तीसरे दिन अचानक सप्लाई बंद हो गई। मीटर में बैलेंस होने के बावजूद घर में बिजली नहीं पहुंची। उन्होंने विद्युत उपकेंद्र पर शिकायत भी की, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।
केस 2: बिना किसी सूचना के कट गई बिजली
नई बस्ती निवासी रामजी पाठक ने बताया कि उनके मीटर में कोई बकाया नहीं था और न ही मोबाइल पर कोई चेतावनी संदेश आया। इसके बावजूद अचानक बिजली कट गई। उन्होंने बताया कि पांच दिन पहले ही 5,000 रुपये का रिचार्ज कराया था। शिकायत करने पर भी समस्या जस की तस बनी रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ी चिंता
निधौली कलां समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्मार्ट मीटर को लेकर असमंजस और नाराजगी देखी जा रही है। लोगों को यह समझ नहीं आ रहा कि उन्हें कितनी राशि रिचार्ज करनी है और किस आधार पर बिजली काटी जा रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि अब पारंपरिक बिलिंग सिस्टम खत्म होने से उन्हें पूरी तरह ऑनलाइन भुगतान पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे दिक्कतें बढ़ रही हैं।
आंकड़ों में स्थिति
- शहर में कुल उपभोक्ता: 80,000
- शहर में लगे स्मार्ट मीटर: 32,000
- ग्रामीण क्षेत्र में कुल उपभोक्ता: 2,24,000
- ग्रामीण क्षेत्र में लगे स्मार्ट मीटर: 53,000
इन आंकड़ों से साफ है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता इस नई व्यवस्था से प्रभावित हो रहे हैं।
क्या कहता है विद्युत विभाग
विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता सत्यनारायण का कहना है कि अगर किसी उपभोक्ता के स्मार्ट मीटर में पुराना बकाया दिख रहा है, तो पहले उसे जमा करना जरूरी है। इसके बाद ही नया रिचार्ज प्रभावी होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में बिजली उपयोग के लिए एडवांस में रिचार्ज करना अनिवार्य है।
उपभोक्ताओं की मांग
लगातार बढ़ती समस्याओं को देखते हुए उपभोक्ता मांग कर रहे हैं कि:
- स्मार्ट मीटर की तकनीकी जांच कराई जाए
- रिचार्ज और कटौती की स्पष्ट जानकारी दी जाए
- शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए
निष्कर्ष
स्मार्ट मीटर व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाना था, लेकिन एटा में यह व्यवस्था फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए उल्टा बोझ बनती नजर आ रही है। यदि जल्द ही तकनीकी खामियों और सिस्टम की पारदर्शिता पर काम नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।