आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले छह महीनों के विदेशी दौरों पर करीब 75 करोड़ रुपये खर्च हुए। जानिए किन देशों का दौरा किया और सरकार का क्या कहना है।
6 महीनों में पीएम मोदी के विदेशी दौरों पर करीब 75 करोड़ रुपये खर्च
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले छह महीनों के विदेशी दौरों पर हुए खर्च को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि इस अवधि के दौरान प्रधानमंत्री के विभिन्न विदेश दौरों पर करीब 75 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
यह जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस शुरू हो गई है।
किन दौरों पर हुआ खर्च?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले छह महीनों में प्रधानमंत्री मोदी ने कई देशों का दौरा किया। इन दौरों के दौरान आधिकारिक बैठकों, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, द्विपक्षीय वार्ताओं और अन्य सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया गया।
विदेश यात्राओं पर होने वाले खर्च में आमतौर पर शामिल होते हैं:
- विशेष विमान और यात्रा व्यवस्था
- सुरक्षा प्रबंध
- होटल और ठहरने का खर्च
- आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल की व्यवस्था
- अन्य प्रशासनिक एवं लॉजिस्टिक खर्च
सरकार का पक्ष
सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री के विदेशी दौरे भारत के कूटनीतिक संबंध मजबूत करने, व्यापार बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से किए जाते हैं।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इन दौरों से कई देशों के साथ रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलता है, जिसका लाभ देश को दीर्घकाल में मिलता है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
इस खर्च को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकारी खर्चों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
हालांकि, सरकार का कहना है कि सभी खर्च निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत किए जाते हैं।
RTI में क्या सामने आया?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरटीआई के जवाब में पिछले छह महीनों के दौरान प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों पर कुल खर्च का ब्यौरा उपलब्ध कराया गया है। हालांकि, अलग-अलग दौरों का विस्तृत विवरण संबंधित विभागों के रिकॉर्ड के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री के विदेशी दौरे हमेशा चर्चा का विषय रहते हैं। एक ओर सरकार इन्हें भारत के वैश्विक हितों के लिए महत्वपूर्ण बताती है, वहीं दूसरी ओर इन दौरों पर होने वाले खर्च को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं। ऐसे मामलों में आधिकारिक आंकड़ों और दस्तावेजों के आधार पर ही निष्कर्ष निकालना उचित माना जाता है।
FAQs
प्रश्न: विदेशी दौरों पर कितना खर्च होने की बात कही गई है?
उत्तर: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले छह महीनों में प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों पर करीब 75 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है।
प्रश्न: यह जानकारी कैसे सामने आई?
उत्तर: यह जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जवाब के आधार पर सामने आने का दावा किया गया है।
प्रश्न: सरकार इन दौरों को क्यों जरूरी बताती है?
उत्तर: सरकार के अनुसार, विदेश दौरे कूटनीतिक संबंध मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और भारत के वैश्विक हितों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
नोट: यह लेख साझा की गई तस्वीर में किए गए दावे के आधार पर तैयार किया गया है। यदि आधिकारिक RTI दस्तावेज़, सरकारी बयान या विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध होती है, तो तथ्यों के अनुसार जानकारी अपडेट की जा सकती है।