एक बुजुर्ग पिता की वृद्धाश्रम में मौत के बाद उनकी तीनों बेटियां अंतिम संस्कार और अस्थियां लेने तक नहीं पहुंचीं। उन्होंने केवल ₹5100 भेजकर अंतिम संस्कार अच्छे से करने की बात कही। जानिए पूरी खबर।
वृद्धाश्रम में पिता की मौत, बेटियों ने नहीं निभाई अंतिम जिम्मेदारी
एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। एक बुजुर्ग व्यक्ति का वृद्धाश्रम में निधन हो गया, लेकिन उनके निधन के बाद तीनों बेटियां अंतिम संस्कार में शामिल होने तो दूर, अस्थियां लेने भी नहीं पहुंचीं। बताया जा रहा है कि बेटियों ने केवल ₹5100 भेजे और वृद्धाश्रम से कहा कि पिता का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ कर दिया जाए।
इस घटना के बाद लोगों के बीच रिश्तों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
लंबे समय से वृद्धाश्रम में रह रहे थे बुजुर्ग
जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग व्यक्ति काफी समय से एक वृद्धाश्रम में रह रहे थे। वृद्धावस्था और खराब स्वास्थ्य के चलते उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मौत की सूचना मिलते ही वृद्धाश्रम प्रशासन ने उनकी तीनों बेटियों से संपर्क किया और अंतिम संस्कार में शामिल होने की अपील की।
₹5100 भेजकर अंतिम संस्कार कराने की बात कही
बताया जा रहा है कि बेटियां स्वयं वृद्धाश्रम नहीं पहुंचीं। उन्होंने केवल ₹5100 की राशि भेजी और आश्रम प्रबंधन से अनुरोध किया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ कर दिया जाए।
जब काफी इंतजार के बाद भी कोई परिजन नहीं पहुंचा, तो वृद्धाश्रम के कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कराया।
अस्थियां लेने भी नहीं पहुंचा परिवार
अंतिम संस्कार के बाद भी आश्रम प्रशासन ने परिजनों से संपर्क किया, लेकिन अस्थियां लेने के लिए भी कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद आश्रम ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी की।
लोगों ने जताई संवेदना
यह घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों ने इसे समाज के लिए चिंताजनक बताया, जबकि कुछ ने वृद्धाश्रम के कर्मचारियों की मानवता और सेवा भावना की सराहना की।
समाज के लिए सीख
यह घटना हमें याद दिलाती है कि माता-पिता ने जिन बच्चों की परवरिश में अपना पूरा जीवन लगा दिया, उनके प्रति सम्मान और जिम्मेदारी निभाना हर संतान का कर्तव्य है। वहीं, वृद्धाश्रम के कर्मचारियों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए बुजुर्ग को सम्मानजनक विदाई दी।
FAQs
प्रश्न: बुजुर्ग की मौत कहां हुई थी?
उत्तर: जानकारी के अनुसार, उनका निधन एक वृद्धाश्रम में हुआ था।
प्रश्न: बेटियों ने क्या किया?
उत्तर: रिपोर्ट के अनुसार, वे अंतिम संस्कार और अस्थियां लेने नहीं पहुंचीं तथा ₹5100 भेजकर अंतिम संस्कार कराने की बात कही।
प्रश्न: अंतिम संस्कार किसने कराया?
उत्तर: वृद्धाश्रम के कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया।
नोट: यह लेख साझा की गई तस्वीर में किए गए दावों के आधार पर तैयार किया गया है। घटना से संबंधित आधिकारिक जानकारी या विस्तृत रिपोर्ट सामने आने पर तथ्यों में बदलाव संभव है।