चंडीगढ़ प्रशासन ने तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के खिलाफ बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने ऐसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त की ओर से यह आदेश 16 सितंबर 2026 को जारी किया गया था। इसे 18 सितंबर को चंडीगढ़ प्रशासन के गजट में प्रकाशित किया गया। आदेश जारी होने की तारीख से अगले एक साल तक यह प्रतिबंध लागू रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नाम या ब्रांड से बाजार में बिकने वाले तंबाकू या निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला इस प्रतिबंध के दायरे में आएंगे। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लिया गया फैसला
खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने यह आदेश खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जारी किया है। इस प्रावधान के तहत जनहित में किसी खाद्य पदार्थ के निर्माण, भंडारण, वितरण या बिक्री पर अधिकतम एक वर्ष तक रोक लगाने का अधिकार है।
इसी अधिकार के तहत चंडीगढ़ प्रशासन ने तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा व पान मसाला को लेकर यह प्रतिबंध लगाया है।
तंबाकू और निकोटीन को लेकर क्या है नियम
आदेश में खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय पर निषेध एवं प्रतिबंध) विनियम, 2011 के विनियम 2.3.4 का भी उल्लेख किया गया है। इसके तहत खाद्य पदार्थों में तंबाकू और निकोटीन को घटक के रूप में इस्तेमाल करने पर रोक है।
प्रशासन ने कहा है कि गुटखा और पान मसाला में तंबाकू व निकोटीन का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। आदेश पर चंडीगढ़ के खाद्य सुरक्षा आयुक्त मंदीप सिंह बराड़, आईएएस के हस्ताक्षर हैं।
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