एटा। मारहरा ब्लॉक क्षेत्र के गढ़ौली गांव में पिछले कुछ दिनों के दौरान 16 लोगों की मौत होने की सूचना से ग्रामीणों में चिंता और भय का माहौल है। मौतों के पीछे क्या कारण है, इसकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है।
बीमारी के कारणों की जांच की मांग
मामले को लेकर गुरुवार को शिव मंदिर वाली गली में सपा नेता लोधी राकेश राजपूत की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें गांव में हुई मौतों के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार लोगों की मौत होने की सूचना गंभीर चिंता का विषय है। बीमारी को लेकर गांव के लोग भयभीत हैं और प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि मौतों के पीछे वास्तविक कारण स्पष्ट हो सके।
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीमों की निगरानी बढ़ाने की मांग की है। साथ ही बीमार लोगों की जांच कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने की बात कही गई।
ग्रामीणों की मांग है कि जिन मरीजों की हालत गंभीर है, उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों पर भेजने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग
ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने, घर-घर जाकर मरीजों की जांच करने और साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है। इसके अलावा दवा के छिड़काव की व्यवस्था कराने की भी मांग उठाई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए जांच कराई जानी चाहिए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि लोगों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
मौतों का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में 16 लोगों की मौत के पीछे किसी विशेष बीमारी या कारण की पुष्टि नहीं की गई है। ग्रामीणों की मुख्य मांग मामले की जांच कराकर मौतों के वास्तविक कारण का पता लगाने और गांव में तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की है।
नोट: इस खबर में “रहस्यमयी बीमारी” को तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया गया है, क्योंकि दिए गए स्रोत में बीमारी का नाम या मौतों का चिकित्सकीय कारण पुष्टि के साथ नहीं बताया गया है।