झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत में 14वीं JPSC प्रीलिम्स रद्द करने और जांच कराने पर सहमति की खबर सामने आई है।
JPSC परीक्षा विवाद: छात्रों के आंदोलन के आगे झुकी सरकार!
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। कई दिनों से जारी प्रदर्शन के बीच सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और मामले की जांच कराने पर सहमति बनने की खबर सामने आई है।
छात्र लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC प्रीलिम्स को रद्द करना और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच शामिल है।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर बनी सहमति
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, छात्र आंदोलन के दबाव के बीच सरकार की ओर से 14वीं JPSC प्रीलिम्स को रद्द करने की दिशा में सहमति जताई गई है। हालांकि, इसे अंतिम आधिकारिक रद्दीकरण मानने से पहले JPSC या सरकार की औपचारिक अधिसूचना का इंतजार करना जरूरी है।
JPSC के 2026 के आधिकारिक परीक्षा कैलेंडर में भी विभिन्न Combined Civil Services परीक्षाओं की तारीखें दर्ज की गई थीं, लेकिन आयोग ने यह स्पष्ट किया था कि परिस्थितियों के अनुसार तारीखों में बदलाव किया जा सकता है।
ED और CID जांच की बात
परीक्षा विवाद की जांच को लेकर भी बड़ी जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में ED और CID से जांच कराने पर सहमति की बात कही गई है। हालांकि, जांच का आधिकारिक दायरा और प्रक्रिया सरकार या संबंधित एजेंसियों की औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
छात्र इससे पहले कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच के लिए CBI जांच की मांग भी करते रहे हैं।
क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं छात्र?
झारखंड में JPSC और JSSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्र काफी समय से सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और प्रक्रिया को लेकर गंभीर समस्याएं हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- 14वीं JPSC प्रीलिम्स को रद्द करना
- परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच
- कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करना
- भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना
- भविष्य की परीक्षाओं के लिए बेहतर व्यवस्था
आंदोलन कई दिनों से जारी
रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी रहा है। छात्र नेता और अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, आंदोलन के दौरान सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के कई दौर भी हुए।
अब सरकार की ओर से सामने आई सहमति के बाद छात्रों की नजर आधिकारिक आदेश और आगे की कार्रवाई पर है।
छात्रों के लिए आगे क्या?
अगर 14वीं JPSC प्रीलिम्स को आधिकारिक रूप से रद्द किया जाता है, तो परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के लिए आगे की प्रक्रिया, नई परीक्षा और आवेदन से जुड़ी जानकारी JPSC की ओर से जारी की जा सकती है।
इसलिए अभ्यर्थियों को किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय JPSC की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।
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निष्कर्ष
झारखंड में JPSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब महत्वपूर्ण मोड़ पर है। 14वीं JPSC प्रीलिम्स को रद्द करने और जांच कराने पर सहमति की खबर से छात्रों को बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि, परीक्षा रद्द होने और जांच की अंतिम प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश या JPSC की आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही होगी।
अभ्यर्थी JPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले अपडेट पर नजर रखें।
FAQs
Q. क्या 14वीं JPSC परीक्षा रद्द हो गई है?
अभी उपलब्ध रिपोर्टों में परीक्षा रद्द करने पर सहमति की बात सामने आई है। अंतिम पुष्टि आधिकारिक आदेश के बाद होगी।
Q. JPSC विवाद की जांच कौन करेगा?
रिपोर्टों के अनुसार ED और CID से जांच कराने पर सहमति की खबर है।
Q. छात्र किस मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं?
छात्र 14वीं JPSC प्रीलिम्स रद्द करने, कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
नोट: यह खबर 9 अगस्त 2026 को उपलब्ध रिपोर्टों और आपके दिए गए पोस्टर में मौजूद जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। परीक्षा रद्द होने की अंतिम स्थिति के लिए आधिकारिक अधिसूचना को प्राथमिकता दें।