लखनऊ अग्निकांड के चश्मदीद ने सुनाई खौफनाक कहानी। मदद को चीखते रहे लोग, धुएं में फंसे छात्रों की दर्दनाक मौत।
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को हुई भीषण आग की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। तीन मंजिला इमारत में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते कई जिंदगियां धुएं और आग की लपटों में फंस गईं। घटना के प्रत्यक्षदर्शियों की आंखों के सामने जो दृश्य था, उसे याद कर आज भी रूह कांप उठती है।
मदद की गुहार लगाते रहे लोग, लेकिन कोई रास्ता नहीं था
दोपहर करीब डेढ़ बजे आग लगने की सूचना फैलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत के निचले हिस्से से निकल रहा काला धुआं तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गया। कुछ ही देर में दूसरी और तीसरी मंजिल पर मौजूद लोग खिड़कियों से बाहर झांककर मदद के लिए चिल्लाने लगे।
कई लोग हाथ हिलाकर नीचे खड़े लोगों से बचाने की गुहार लगा रहे थे। किसी के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था तो कोई लगातार शीशे पीटकर बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। लेकिन आग और धुएं के कारण किसी के लिए भी अंदर पहुंचना आसान नहीं था।
धुएं के सामने बेबस हो गए लोग
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने सीढ़ियों के रास्ते ऊपर पहुंचकर लोगों को बचाने की कोशिश की, लेकिन धुएं की घुटन इतनी ज्यादा थी कि कुछ कदम आगे बढ़ना भी मुश्किल हो गया। नीचे खड़ी भीड़ की आंखों में बेबसी साफ दिखाई दे रही थी। हर कोई मदद करना चाहता था, लेकिन हालात किसी के नियंत्रण में नहीं थे।
कुछ लोगों ने खिड़कियों के शीशे तोड़ने की कोशिश की, मगर मजबूत कांच नहीं टूट सका। इसी दौरान कई लोग अपनी जान बचाने के लिए जोखिम उठाने पर मजबूर हो गए।

केबल के सहारे नीचे उतरा युवक
जब बचने का कोई रास्ता नहीं बचा तो एक युवक ने इमारत के बाहर लटकी केबल का सहारा लिया। वह धीरे-धीरे नीचे उतरने लगा। नीचे मौजूद लोग सांसें थामकर यह दृश्य देख रहे थे। काफी मशक्कत के बाद वह जमीन तक पहुंच गया, लेकिन इस दौरान उसे गंभीर चोटें आईं।
इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया, क्योंकि इमारत के अंदर फंसे अन्य लोगों के पास ऐसा कोई विकल्प भी नहीं था।
बाथरूम में छिपकर बचाने की कोशिश
आग और धुएं से बचने के लिए कई लोग भवन के बाथरूम में छिप गए। उन्हें उम्मीद थी कि शायद वहां कुछ समय तक सुरक्षित रह सकेंगे। लेकिन धुआं लगातार पूरे भवन में फैलता जा रहा था।
कुछ लोग छत पर जाने की कोशिश भी कर रहे थे, लेकिन बताया गया कि ऊपर जाने वाला रास्ता बंद था। ऐसे में इमारत के भीतर मौजूद लोगों के सामने जीवन और मौत की लड़ाई शुरू हो चुकी थी।
खिड़कियों से लगाई छलांग
हालात इतने भयावह हो गए कि कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक युवक ऊपर से कूदा और नीचे लगे लोहे के ढांचे से टकरा गया। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की चीख निकल गई।
इसके बाद भी कई लोगों ने आग और धुएं से बचने के लिए खिड़कियों से कूदने का जोखिम उठाया।
पुलिस ने दीवार तोड़कर शुरू किया रेस्क्यू
दमकल विभाग के पहुंचने से पहले पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच चुके थे। स्थानीय पुलिस टीम ने पड़ोसी भवन के रास्ते अंदर पहुंचने का प्रयास किया और दीवार तोड़कर धुआं बाहर निकालने की कोशिश शुरू की।
पुलिसकर्मी लगातार लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन धुएं की मात्रा इतनी अधिक थी कि अंदर जाना बेहद कठिन साबित हो रहा था।
घंटों बाद आग पर पाया गया काबू
काफी देर बाद दमकल विभाग और राहत-बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और अन्य उपकरणों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका और धुएं को बाहर निकालने का काम शुरू हुआ।
इसके बाद राहतकर्मी ऑक्सीजन उपकरणों के साथ इमारत के अंदर पहुंचे, लेकिन वहां का दृश्य बेहद दर्दनाक था। एक-एक कर शवों को बाहर निकाला गया और पूरे इलाके में मातम छा गया।
परिजनों की चीखों से गूंज उठा इलाका
जैसे-जैसे मृतकों की पहचान होने लगी, घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने अपना भाई और दोस्त। हर तरफ केवल आंसू, दर्द और सन्नाटा नजर आ रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह हादसा सिर्फ एक आग की घटना नहीं थी, बल्कि उन लोगों की आखिरी उम्मीदों का टूटना था जो खिड़कियों से बाहर झांककर मदद का इंतजार कर रहे थे। उनकी चीखें और दर्द लंबे समय तक लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद भवन सुरक्षा, फायर सेफ्टी व्यवस्था और अवैध निर्माणों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है।
लखनऊ का यह अग्निकांड प्रदेश के सबसे दर्दनाक हादसों में से एक माना जा रहा है, जिसने एक बार फिर सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।