लखनऊ अग्निकांड सीएम योगी सख्त LDA वीसी को किया तलब

लखनऊ अलीगंज अग्निकांड के बाद सीएम योगी ने LDA वीसी को तलब किया। अवैध निर्माणों, सीलिंग और ध्वस्तीकरण की पूरी रिपोर्ट मांगी।

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए दर्दनाक कोचिंग अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। घटना में कई छात्रों की मौत के बाद सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को तलब करते हुए शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ हुई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

सीएम योगी ने मांगी सभी जोनों की विस्तृत रिपोर्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के सभी सात जोनों में 1 जनवरी 2026 से अब तक जारी किए गए सीलिंग नोटिसों का पूरा ब्यौरा मांगा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि इन नोटिसों पर जमीनी स्तर पर कितनी कार्रवाई हुई, कितनी इमारतों को सील किया गया और किन अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अलीगंज कोचिंग अग्निकांड ने खड़े किए बड़े सवाल

सोमवार को अलीगंज स्थित एक कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस हादसे में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। जिस इमारत में आग लगी, वहां कोचिंग सेंटर के अलावा पेट शॉप, क्लीनिक और एनिमेशन सेंटर भी संचालित किए जा रहे थे।

बताया जा रहा है कि भवन में सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया था। इसी वजह से आग लगने के बाद छात्रों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका और हादसा इतना भयावह बन गया।

पालतू जानवर भी बने हादसे का शिकार

इस दर्दनाक घटना में केवल इंसानी जानें ही नहीं गईं बल्कि पेट शॉप में मौजूद कई पालतू जानवर भी आग की चपेट में आकर जिंदा जल गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया और अवैध निर्माणों की जांच की मांग तेज हो गई।

जांच के लिए SIT का गठन

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल विशेष जांच दल (SIT) के गठन के निर्देश दिए थे। SIT ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए और विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन कैसे हुआ, सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं।

अवैध निर्माणों पर चल सकता है बड़ा अभियान

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के बाद राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अन्य शहरों में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा सकता है। प्रशासन को ऐसे भवनों की पहचान करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।

आगे क्या होगा?

मुख्यमंत्री के समक्ष LDA की रिपोर्ट पेश होने के बाद कई अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सकती है। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और भवन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अलीगंज अग्निकांड ने एक बार फिर भवन सुरक्षा, फायर सेफ्टी और अवैध निर्माणों पर निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें सरकार और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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