नई दिल्ली: उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ का दौर जारी है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं नदियां और नाले उफान पर हैं तो कहीं पहाड़ों से मलबा आने के कारण सड़कें बंद हो गई हैं।
उत्तराखंड में बारिश और बाढ़ से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 11 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं, उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के कारण 80 से ज्यादा कच्चे मकान ढह गए हैं। दूसरी ओर, केदारनाथ क्षेत्र में मौसम में सुधार के बाद यात्रा दोबारा शुरू कर दी गई है।
उत्तराखंड में बारिश से 11 लोगों की मौत
उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश के कारण हादसे हुए हैं। देहरादून में एक कार बरसाती नदी के तेज बहाव में बह गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक लड़की को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया।
अल्मोड़ा के उड़यूड़ा गांव में पहाड़ी से आया मलबा एक घर में घुस गया। घटना के समय घर में लोग सो रहे थे। मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हो गई।
इसी इलाके में एक दीवार गिरने से दो नेपाली मजदूरों की भी जान चली गई।
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भीमताल में नाले के बहाव में बच्ची बही
नैनीताल जिले के भीमताल में भी भारी बारिश के बाद हालात बिगड़ गए। तेज बहाव वाले नाले में बहने से चार साल की बच्ची की मौत हो गई।
वहीं, उत्तरकाशी जिले में चिन्यालीसौड़ के पास एक झील से अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। प्रशासन और राहत दल घटनाओं से जुड़े मामलों की जांच कर रहे हैं।
केदारनाथ यात्रा फिर शुरू
केदार घाटी में लगातार बारिश के कारण कुछ समय के लिए रोकी गई केदारनाथ यात्रा अब फिर शुरू कर दी गई है।
मौसम में सुधार और परिस्थितियों का जायजा लेने के बाद यात्रा को दोबारा शुरू किया गया। हालांकि, पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए यात्रियों को प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ा
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में बाढ़ आने से कई इलाकों में पानी भर गया है। बाढ़ के कारण 80 से ज्यादा कच्चे मकान गिरने की जानकारी सामने आई है।
लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ गई है। प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
बिहार में पुल के ऊपर से बह रहा पानी
बिहार के जहानाबाद में दरधा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी बढ़ने के कारण जाफरगंज पुल के ऊपर दो फीट से ज्यादा पानी बहने लगा।
पानी का बहाव तेज होने के कारण पुल से आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय प्रशासन लोगों से सावधानी बरतने और तेज बहाव वाले रास्तों से दूर रहने की अपील कर रहा है।
चंदौली में वाटरफॉल में फंसे पर्यटकों का रेस्क्यू
उत्तर प्रदेश के चंदौली में भारी बारिश के बीच एक वाटरफॉल में कुछ पर्यटक फंस गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बारिश के दौरान झरनों और नदियों के आसपास अचानक पानी बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे स्थानों पर प्रशासन की ओर से पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
बागेश्वर में मलबे से सड़क बंद
उत्तराखंड के बागेश्वर में भारी बारिश के बाद पहाड़ी से मलबा सड़क पर आ गया। बागेश्वर-गरुड़ मार्ग के रवाईखाल क्षेत्र में मलबा आने के कारण सड़क पर यातायात बाधित हो गया।
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। सड़क को साफ करने और यातायात सामान्य करने के लिए संबंधित विभाग की टीम काम कर रही है।
सिंगरौली में बाइक सवार दंपती बहे
मध्य प्रदेश के सिंगरौली में भी बारिश और बाढ़ के कारण हादसा हुआ। देवसर-बरगवां मार्ग पर खाक पुलिया पार करते समय बाइक सवार पति-पत्नी तेज पानी के बहाव की चपेट में आ गए।
पानी का बहाव तेज होने के कारण दोनों के बह जाने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद राहत और बचाव दल की ओर से तलाश अभियान चलाया गया।
शिमला में पेड़ गिरने से दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के खलीणी इलाके में भारी बारिश के बाद सड़क किनारे एक पेड़ गिर गया। पेड़ की चपेट में आने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
हादसे में किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में पेड़ गिरने और भूस्खलन की घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
बेगूसराय में करीब 50 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित
बिहार के बेगूसराय में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बड़ी आबादी बाढ़ से प्रभावित है। जानकारी के मुताबिक करीब 50 हजार लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य किए जा रहे हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ जरूरी सामान उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
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उत्तरकाशी में सड़क बहने से आवाजाही प्रभावित
उत्तरकाशी में गंगोरी-ढोढीताल मार्ग का एक हिस्सा बारिश और तेज बहाव के कारण बह गया। सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय लोगों के साथ टीचर्स और स्टूडेंट्स को भी पहाड़ी रास्तों से गुजरना पड़ रहा है।
ऐसे रास्तों पर लगातार बारिश के बीच चलना जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन की ओर से प्रभावित मार्गों पर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
कई राज्यों में अभी भी बारिश का असर
उत्तर भारत में जारी बारिश के कारण कई जगहों पर नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा है।
ऐसे में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों पर ध्यान देने तथा तेज बहाव वाले नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
महत्वपूर्ण: बारिश और बाढ़ की स्थिति लगातार बदल सकती है। स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी ताजा निर्देशों और यात्रा संबंधी अपडेट को प्राथमिकता दें।