मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना में रिकॉर्ड प्रगति हुई है। अब तक 5.40 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर योजना से जुड़ चुके हैं।
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। योजना के शुभारंभ के बाद रिकॉर्ड समय में 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। ई-केवाईसी पूरी करने वाले लाभार्थियों को योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।
12.89 लाख पात्र लाभार्थियों के लिए शुरू की गई योजना
प्रदेश के बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को इस योजना में शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 5,40,878 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। सरकार का लक्ष्य सभी पात्र शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को जल्द से जल्द योजना से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में की थी घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 फरवरी 2026 को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने पोर्टल, अस्पतालों के पैनल और अन्य प्रशासनिक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कीं।
योजना का शुभारंभ 8 जुलाई 2026 को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए किया गया। इसके बाद 26 जुलाई 2026 को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना में शामिल कर लिया गया।
बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक ई-केवाईसी
बेसिक शिक्षा विभाग में कुल 11,03,464 पात्र लाभार्थी हैं। इनमें से अब तक 4,57,390 शिक्षक एवं कर्मचारी अपनी ई-केवाईसी पूरी कर चुके हैं। विभागीय स्तर पर सभी जिलों में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेज़ी
माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभाग ने सभी संस्थानों को पंजीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने चार दिनों में बनाया रिकॉर्ड
उच्च शिक्षा विभाग को 26 जुलाई 2026 से योजना में शामिल किया गया। इसके बाद मात्र चार दिनों में 38,011 पात्र लाभार्थियों में से 17,734 लोगों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली। यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है।
मिशन मोड में चल रहा अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शासन और विभागीय स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध तरीके से पूरी कराई जाए।
ई-केवाईसी पूरी होने के बाद लाभार्थियों को योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।