लखनऊ अग्निकांड के बाद बरेली प्रशासन अलर्ट हुआ। BDA, फायर विभाग और पुलिस ने मॉल, कोचिंग व अस्पतालों की जांच की।
बरेली: राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब प्रदेशभर में प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी क्रम में बरेली प्रशासन ने भी शहर के व्यावसायिक भवनों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और मॉल की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण अभियान चलाया।
संयुक्त टीम ने कई प्रमुख संस्थानों का किया निरीक्षण
जांच अभियान में अग्निशमन विभाग, पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहे। टीम ने चौकी चौराहा स्थित सिटी मॉल समेत कई प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इसके अलावा मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले आकाश इंस्टीट्यूट में भी सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भवनों में मौजूद फायर सेफ्टी सिस्टम, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, फायर एनओसी, आपातकालीन निकास द्वार और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की।

सुरक्षा मानकों में मिलीं कई खामियां
जांच के दौरान कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था में कमियां सामने आईं। कुछ भवनों में फायर सेफ्टी उपकरणों की उचित व्यवस्था नहीं मिली, जबकि कुछ स्थानों पर आपातकालीन निकास मार्गों को लेकर भी सवाल उठे। अधिकारियों ने संबंधित संस्थानों के जिम्मेदार लोगों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिना फायर एनओसी संचालन करने वालों पर होगी कार्रवाई
BDA उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने कहा कि जिन भवनों या संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी नहीं है या जो निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित हो रहे हैं, उनके खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर सुरक्षा नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा।
कोचिंग संस्थान, अस्पताल और मॉल प्रशासन के रडार पर
लखनऊ में हुए हादसे के बाद प्रशासन विशेष रूप से उन भवनों पर ध्यान दे रहा है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। कोचिंग संस्थान, अस्पताल, शॉपिंग मॉल और भीड़-भाड़ वाले व्यावसायिक भवन प्रशासन की प्राथमिकता सूची में शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।
लखनऊ हादसे के बाद प्रदेशभर में बढ़ी सख्ती
अलीगंज कोचिंग अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रशासनिक टीमें सक्रिय हो गई हैं और सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। बरेली में शुरू हुआ यह अभियान भी उसी व्यापक सुरक्षा जांच का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या होगा?
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और अधिक व्यावसायिक भवनों, कोचिंग संस्थानों तथा अस्पतालों की जांच की जाएगी। जिन संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं पाई जाएंगी, उनके खिलाफ सीलिंग, जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
बरेली प्रशासन का यह अभियान स्पष्ट संकेत देता है कि अब सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है और सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।