रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए भारत तैयार: जयशंकर बोले- जरूरत पड़ी तो हर संभव सहायता देंगे

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने की दिशा में मदद के लिए तैयार है। यूक्रेन की राजधानी कीव में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान जयशंकर ने कहा कि अगर भारत किसी भी तरह से मदद कर सकता है, तो वह इसके लिए तैयार है।

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ बातचीत के दौरान जयशंकर ने भारत की भूमिका को लेकर यह बयान दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ती है तो भारत मध्यस्थता सहित किसी भी उपयोगी तरीके से शांति प्रक्रिया में योगदान देने के लिए तैयार है।

जयशंकर बोले- भारत हर संभव मदद के लिए तैयार

यूक्रेन दौरे के दौरान जयशंकर ने कहा कि अगर भारत किसी भी रूप में मददगार हो सकता है तो वह पीछे नहीं हटेगा।

भारत लंबे समय से रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकालने की बात करता रहा है। नई दिल्ली का रुख रहा है कि युद्ध के बजाय दोनों पक्षों को संवाद और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए समाधान तलाशना चाहिए।

जयशंकर का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष जारी है और ब्लैक सी क्षेत्र में भी तनाव का असर देखने को मिल रहा है।

ब्लैक सी में कमर्शियल शिपिंग पर हमलों पर भी चर्चा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के बीच बातचीत में ब्लैक सी में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी शामिल रहा।

ब्लैक सी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। हालिया घटनाओं में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने के बाद भारत की ओर से समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।

भारत ने सभी पक्षों से तनाव कम करने और नागरिकों एवं समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

ISRO ने GSLV-F17 रॉकेट से EOS-05 सैटेलाइट लॉन्च किया, सफलतापूर्वक तय कक्षा में पहुंचाया;

यूक्रेन दौरे पर हैं विदेश मंत्री जयशंकर

एस. जयशंकर इस समय यूक्रेन के दौरे पर हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान उनका उद्देश्य भारत और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।

इसके अलावा दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों तथा आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।

जयशंकर ने अपने यूक्रेनी समकक्ष एंड्री सिबिहा के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की है।

पोलैंड के उपप्रधानमंत्री से भी होगी बातचीत

विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर की यात्रा के दौरान पोलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रadoslaw Sikorski के साथ भी बातचीत प्रस्तावित है।

बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के अलावा क्षेत्रीय घटनाक्रम और आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी अहम मुद्दा

जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच ब्लैक सी क्षेत्र में समुद्री जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।

हाल की घटनाओं में भारतीय समुद्री कर्मचारियों के मारे जाने और घायल होने की खबरें भी सामने आई हैं। इसके बाद भारत ने भारतीय नागरिकों और अन्य समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है।

नई दिल्ली लगातार इस बात पर जोर दे रही है कि युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी, ₹30 हजार स्टाइपेंड की मांग; राजनीतिक दलों का समर्थन

रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत का रुख

रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत ने दोनों पक्षों के साथ अपने संबंध बनाए रखे हैं। भारत ने कई मौकों पर कहा है कि युद्ध का स्थायी समाधान सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत और कूटनीति से ही संभव है।

भारत ने पहले भी दोनों पक्षों से संवाद और कूटनीतिक रास्ते पर लौटने की अपील की है।

जयशंकर का ताजा बयान इसी व्यापक भारतीय रुख को दर्शाता है कि यदि भारत शांति स्थापित करने की प्रक्रिया में कोई सकारात्मक भूमिका निभा सकता है, तो वह इसके लिए तैयार है।

जयशंकर के यूक्रेन दौरे की मुख्य बातें

  • विदेश मंत्री: एस. जयशंकर
  • दौरा: यूक्रेन
  • मुख्य मुद्दा: रूस-यूक्रेन युद्ध
  • भारत का रुख: बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान
  • यूक्रेन के विदेश मंत्री: एंड्री सिबिहा
  • अन्य मुद्दा: ब्लैक सी में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा
  • अन्य बैठक: पोलैंड के उपप्रधानमंत्री रadoslaw Sikorski
  • भारत की पेशकश: जरूरत पड़ने पर शांति प्रक्रिया में मदद के लिए तैयार

निष्कर्ष

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन में कहा है कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की दिशा में किसी भी उपयोगी भूमिका के लिए तैयार है। भारत ने एक बार फिर बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्ष का समाधान निकालने पर जोर दिया है। वहीं, ब्लैक सी में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों और भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी भारत के लिए अहम बना हुआ है।

More

Leave a Comment