काठमांडू: नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के नौ दिन बाद राहत और बचाव अभियान से बड़ी उम्मीद की खबर सामने आई है। त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया गया है। दोनों मजदूर करीब नौ दिनों से सुरंग के अंदर फंसे हुए थे।
बचाव दल अभी भी सुरंग के अंदर फंसे अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, त्रिशूली 3A परियोजना से ही कम से कम 42 लोगों को सुरक्षित निकालने की उम्मीद है।
यह रेस्क्यू ऐसे समय हुआ है जब नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
नौ दिन बाद सुरंग से बाहर निकले दो लोग
त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे दो लोगों को शुक्रवार को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
पहले रेस्क्यू किए गए व्यक्ति की पहचान संजय शाह के रूप में हुई है। नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (NEA) के अनुसार, शाह वहां मैकेनिकल फोरमैन के तौर पर काम करते हैं।
दूसरे व्यक्ति का नाम कबीर महारजन बताया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, बाहर निकाले जाने के बाद कबीर ने मुस्कुराकर आभार जताया।
संजय शाह को हेलिकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया
सुरंग से बाहर निकाले जाने के बाद संजय शाह को तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई। अधिकारियों के मुताबिक उनकी स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह बातचीत कर सकें।
इसके बाद उन्हें हेलिकॉप्टर से काठमांडू के उत्तर-पश्चिम में स्थित बट्टार ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
कबीर महारजन की पत्नी को भी उन्हें देखने के लिए काठमांडू के छाउनी अस्पताल जाने की तैयारी करते बताया गया है।
सुरंग के अंदर से आवाजें सुनाई देने के बाद बढ़ी उम्मीद
बचाव अभियान में जुटी टीमों को शुक्रवार सुबह सुरंग के अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई दी थीं। इसके बाद बचाव दलों ने अभियान तेज किया।
सुरंगों में फंसे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए इंजीनियरों ने लगातार हवा पंप करने की व्यवस्था की। इसका उद्देश्य अंदर फंसे लोगों को सांस लेने के लिए जरूरी हवा उपलब्ध कराना था।
दो लोगों को जिंदा निकालने के बाद अब बचाव दलों को उम्मीद है कि सुरंग में मौजूद अन्य लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है।
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त्रिशूली 3A प्रोजेक्ट से 42 लोगों के रेस्क्यू की उम्मीद
नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के मुताबिक, त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में कम से कम 42 लोगों को बचाने की उम्मीद है।
बचाव दल सुरंग तक पहुंचने और अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकालने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
हालांकि, सुरंग के अंदर की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं और बचाव अभियान सावधानी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
छह अन्य हाइड्रोपावर साइट पर भी रेस्क्यू ऑपरेशन
नेपाल में सिर्फ त्रिशूली 3A ही नहीं, बल्कि कई अन्य हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में भी लोगों के फंसे होने की आशंका है।
जानकारी के अनुसार करीब आधा दर्जन हाइड्रोपावर टनल में अलग-अलग बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। इन स्थानों पर कुल 150 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है।
बाढ़ के तेज बहाव और मलबे के कारण इन सुरंगों तक पहुंचना बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
हजारों लोग अभी भी लापता
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन के बाद 5,000 से ज्यादा लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
इनमें बड़ी संख्या उन मजदूरों की भी है, जो नदी के किनारे बने विभिन्न हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में काम कर रहे थे।
बचाव दल इन सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं।
एक रेस्क्यू ने दूसरे लोगों के लिए जगाई उम्मीद
संजय शाह और कबीर महारजन को नौ दिन बाद जिंदा बाहर निकालना राहत और बचाव अभियान के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
संजय के सहकर्मी सुरेश चौधरी ने इस खबर पर खुशी जताते हुए कहा कि वह इस खबर का इंतजार कर रहे थे। उनके मुताबिक, दो लोगों के जिंदा मिलने से बाकी फंसे लोगों के भी सुरक्षित होने की उम्मीद बढ़ी है।
अब बचाव टीमों का पूरा ध्यान सुरंगों में फंसे बाकी लोगों तक पहुंचने पर है।
नेपाल फ्लैश फ्लड रेस्क्यू की मुख्य बातें
- रेस्क्यू किए गए लोग: 2
- स्थान: त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट
- फंसे रहने का समय: करीब 9 दिन
- पहले रेस्क्यू किए गए: संजय शाह
- दूसरे रेस्क्यू किए गए: कबीर महारजन
- त्रिशूली 3A में संभावित रेस्क्यू: कम से कम 42 लोग
- अन्य हाइड्रोपावर साइट: करीब 6
- अन्य साइटों पर फंसे लोगों की आशंका: 150 से ज्यादा
- नेपाल में लापता: 5,000 से अधिक
- बचाव प्रयास: ऑक्सीजन/हवा पंप करने और सुरंगों तक पहुंचने का अभियान जारी
निष्कर्ष
नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के नौ दिन बाद त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों का जिंदा रेस्क्यू बड़ी राहत की खबर है। संजय शाह और कबीर महारजन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बचाव दल अभी भी सुरंग में फंसे अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि त्रिशूली 3A से कम से कम 42 लोगों को बचाया जा सकता है।