महाराष्ट्र मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्योजकता योजना: आवेदन, दस्तावेज और सब्सिडी की पूरी जानकारी

महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में पशुपालन और उससे जुड़े व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्योजकता योजना शुरू की है। योजना के तहत किसान, भूमिहीन नागरिक और ग्रामीण बेरोजगार लोग गाय-भैंस पालन, बकरी-भेड़ पालन और पोल्ट्री जैसे पशुपालन व्यवसाय के लिए सरकारी अनुदान का लाभ ले सकते हैं।

योजना में श्रेणी के अनुसार 50% से 75% तक सरकारी सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है। आवेदन MahaDBT 2.0 पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाना है। भूमिहीन या कम जमीन वाले आवेदकों के लिए भी कुछ शर्तों के साथ योजना का लाभ लेने का प्रावधान है।

किन पशुपालन व्यवसायों के लिए मिलेगा लाभ?

मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्योजकता योजना के तहत अलग-अलग पशुपालन परियोजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें दुधारू गाय या भैंस के समूह का वितरण, बकरी-भेड़ पालन और पोल्ट्री परियोजनाएं प्रमुख हैं।

बकरी या भेड़ पालन के तहत 50 बकरी/भेड़ और 5 नर वाले प्रोजेक्ट का उदाहरण दिया गया है। वहीं दुधारू पशुओं के लिए 2, 4 या 6 पशुओं के समूह की परियोजना का प्रावधान बताया गया है।

योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को खेती के साथ आय का अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराना और पशुपालन को एक व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में बढ़ावा देना है।

कितनी सब्सिडी मिलेगी?

योजना में लाभार्थी की श्रेणी के आधार पर सरकारी अनुदान अलग-अलग हो सकता है। सामान्य वर्ग के लिए 50% तक और SC/ST वर्ग के लिए 75% तक अनुदान का प्रावधान बताया गया है। महिलाओं, दिव्यांगों और अल्पभूधारक किसानों को भी प्राथमिकता के साथ 75% तक लाभ मिलने की जानकारी दी गई है।

उदाहरण के तौर पर बकरी-भेड़ पालन परियोजना की अनुमानित लागत ₹4 लाख से ₹6 लाख तक बताई गई है। सामान्य वर्ग में इस पर करीब ₹2 लाख से ₹3 लाख और SC/ST वर्ग में ₹3 लाख से ₹4.50 लाख तक अनुदान हो सकता है।

दुधारू गाय या भैंस की परियोजना के लिए अनुमानित लागत ₹2 लाख से ₹8.50 लाख तक बताई गई है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 50% और SC/ST वर्ग के लिए 75% तक अनुदान की व्यवस्था बताई गई है। वास्तविक स्वीकृति परियोजना और सरकारी नियमों के अनुसार तय होगी।

MahaDBT 2.0 पर ऐसे करें आवेदन

योजना के लिए आवेदन MahaDBT 2.0 पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया में सबसे पहले पोर्टल पर जाकर Maha ID या आधार नंबर से लॉगिन करना होगा। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए सत्यापन किया जाएगा।

लॉगिन के बाद पात्रता के आधार पर उपलब्ध योजनाओं की सूची में पशुपालन एवं डेयरी व्यवसाय विकास विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्योजकता योजना का चयन करना होगा।

इसके बाद व्यक्तिगत जानकारी, जमीन या किराये की जमीन का विवरण और बैंक खाते की जानकारी भरकर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। जानकारी पूरी करने के बाद आवेदन ऑनलाइन सबमिट किया जा सकेगा।

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?

आवेदन से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखना बेहतर होगा। इनमें आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, निवास प्रमाणपत्र या तहसीलदार प्रमाणपत्र और राशन कार्ड शामिल हैं।

जमीन से संबंधित आवेदकों को 7/12 और 8-अ उतारा तथा आधार से लिंक राष्ट्रीयकृत बैंक खाते की पासबुक की जानकारी देनी होगी। किसान आवेदकों के लिए Farmer ID और जरूरत के अनुसार अल्पभूधारक या अत्यल्प भूधारक प्रमाणपत्र भी मांगा जा सकता है।

भूमिहीन आवेदकों को 5 साल का पंजीकृत किरायानामा या भूमिहीन प्रमाणपत्र देना पड़ सकता है। इसके अलावा पशुपालन या डेयरी प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र, अनुभव प्रमाणपत्र और पहले किसी योजना का लाभ नहीं लेने से संबंधित स्वघोषणापत्र भी आवश्यकतानुसार मांगा जा सकता है।

श्रेणी के आधार पर जाति प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र (UDID) या महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यता का प्रमाणपत्र भी आवश्यक हो सकता है।

भूमिहीन लोग भी ले सकते हैं योजना का लाभ

इस योजना की एक खास बात यह है कि भूमिहीन या कम जमीन वाले लोग भी कुछ निर्धारित शर्तों के साथ पशुपालन व्यवसाय शुरू करने के लिए पात्र हो सकते हैं। इसके लिए किराये की जमीन का वैध पंजीकृत अनुबंध या संबंधित प्रमाणपत्र की आवश्यकता हो सकती है।

इससे उन ग्रामीण युवाओं और परिवारों के लिए भी पशुपालन व्यवसाय शुरू करने का रास्ता खुलता है, जिनके पास खुद की पर्याप्त कृषि भूमि नहीं है।

सब्सिडी सीधे बैंक खाते में जाएगी

योजना के तहत स्वीकृत अनुदान की राशि DBT के माध्यम से लाभार्थी के आधार से जुड़े राष्ट्रीयकृत बैंक खाते में सीधे जमा किए जाने का प्रावधान बताया गया है। इससे भुगतान में बिचौलियों की भूमिका कम करने का प्रयास किया गया है।

आवेदन करते समय बैंक खाते की जानकारी सही देना और आधार से लिंक खाते का विवरण उपलब्ध कराना जरूरी होगा।

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