दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत उनके परिवार के चार सदस्यों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल और उनके माता-पिता गोबिंद राम केजरीवाल व गीता देवी को भेजे गए हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, परिवार के सदस्यों का पिछली SIR सूची से विवरण मैप नहीं हो पाया था।
केजरीवाल और उनके परिवार के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में मौजूद हैं। उन्हें ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में नोटिस जारी किया गया है, जबकि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत अन्य मतदाताओं को अलग-अलग तरह की विसंगतियों के आधार पर नोटिस दिए गए हैं।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि इन मतदाताओं के नाम तत्काल मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। नोटिस के बाद सत्यापन और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की जानी है।
क्यों जारी हुआ केजरीवाल परिवार को नोटिस
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से SIR के तहत उन मतदाताओं को नोटिस दिए जा रहे हैं, जिनके विवरण पिछली SIR सूची से मैप नहीं हो सके या जिनमें तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं।
केजरीवाल परिवार के मामले में अधिकारियों ने ‘नो मैपिंग’ को नोटिस का आधार बताया है। उनकी जानकारी पिछली SIR सूची से मैप नहीं हो पाई थी।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अभी नाम मौजूद
31 अगस्त को जारी दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 97,53,577 मतदाताओं के नाम हैं। यह संख्या 30 जून की सूची में दर्ज 1,45,10,299 मतदाताओं की तुलना में 32.8 प्रतिशत कम है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, करीब 13.80 लाख मतदाताओं का पिछली SIR से मैपिंग नहीं हो सका, जबकि करीब 19.33 लाख मतदाताओं को तार्किक विसंगतियों के तहत चिह्नित किया गया है।
SIR प्रक्रिया में नोटिस पाने वाले मतदाताओं को अपने विवरण के सत्यापन के लिए सुनवाई प्रक्रिया में शामिल होना है। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी।
AAP ने उठाए सवाल, आयोग की प्रक्रिया पर चर्चा
आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल और उनके परिवार को नोटिस दिए जाने पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक रूप से उठाया है और पूछा है कि परिवार के नामों को SIR प्रक्रिया में नोटिस क्यों दिया गया।
वहीं, उपलब्ध चुनावी अधिकारियों की जानकारी के अनुसार, नोटिस ‘नो मैपिंग’ और अन्य निर्धारित श्रेणियों में आने वाले मतदाताओं को सत्यापन के लिए जारी किए जा रहे हैं। इसी प्रक्रिया में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े अन्य लोगों को भी नोटिस दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
SIR के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज होने के बाद संबंधित मतदाताओं के दस्तावेज और विवरणों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। दिल्ली की अंतिम सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने की प्रक्रिया तय है।
इस बीच दिल्ली SIR से जुड़े नोटिस और प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंचा है। अदालत 22 सितंबर को इस संबंध में याचिका पर सुनवाई करने वाली है।